

गायत्री गायग्वाल के अध्यक्षता में राष्ट्रीय मछुआरा जागरूकता सम्मेलन का हुआ आयोजन शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय



रायपुर छत्तीसगढ़/ दिनांक 05अक्टूबर ,दिन रविवार को बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में गायत्री गायग्वाल के अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा जागरूकता सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देवासी सबसे पहले प्रभु श्री राम, प्रभु श्री गहानिषाद राज ,रासरनी माता, परमेश्वरी माता के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर पुजा अर्चना किया गया तत्पश्चात मछुआरा समाज ने हुंकार भरकर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णु देव साय से मांग किया कि छत्तीसगढ़ में हम जाति जनगणना के अनुसार तीसरे नंबर पर है कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय मछुआरा संघ के प्रदेश अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल ने कहा हम 2026 में अपनी मछुआरा समाज का जातिगत जनगणना पूरे 90 विधानसभा में अपनी कार्यकर्ताओं के द्वारा करने जा रहे हैं इस जनगणना में हम दावा करते हैं की जनसंख्या की दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ में हमारा समाज की जनसंख्या एक नंबर पर आ जाएगा क्योंकि जो जातिगत जनगणना हुआ है उसमें हमारे समाज को एक साथ गणना नहीं किया गया है सिर्फ केवट ढीमर को ही मछुआ समाज मानकर जातिगत जनगणना किया गया है जबकि छत्तीसगढ़ में मछुवा समाज के अंतर्गत आने वाले केवट, ढीमर ,कहार ,कहरा, मल्लाह ,मांझी हम सभी एक ही जलवंशी जाति के है ,जिनका मुख्य व्यवसाय मछली पालन एवं मछली आखेट करना है किंतु सरकार सिर्फ केवट, ढीमर को मछुआरा समाज मानकर हमारी जनसंख्या को तीसरे नंबर पर प्रदर्शित कर रही है. गायत्री गायग्वाल ने अपने उद्बोधन में मछुआरा समाज के विभिन्न समस्याओं पर व समाज की लंबित मांगों पर विस्तृत भाषण मुख्य अतिथि श्री विष्णु देव साय के सामने रखी .जिसमे प्रमुख रूप से जनसंख्या के हिसाब से राजनीति में अपने समाज की हिस्सेदारी की मांग रखी एवं अन्य मांगों में छत्तीसगढ़ की मछली नीति में ठेका पद्धति को समाप्त कर नियम में संशोधन कर मछली नीति को मछली अधिनियम में परिवर्तन करने का भी आग्रह अपने उद्बबोधन में कहीं इसी प्रकार मछुआरा समाज का वर्षों से लंबित मांग जो की 1950 में मछुआरा समुदाय केवट, ढीमर,कहार ,कहरा, मल्लाह मांझी को आदिवासी की श्रेणी में रखा गया था किंतु छत्तीसगढ़ में इस समाज को पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत रखा गया है इस मांग को भी निरीक्षण कर केंद्र सरकार को प्रेषित करने का आग्रह प्रदेश अध्यक्ष ने किया
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने उद्बबोधन में कहा मछुआरा समाज के लोग बहुत सीधे एवं सरल स्वभाव के होते हैं सेवा भावना इस समाज के लोगों में कूट-कूट कर भरा होता है.

कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि केंद्रीय जल शक्ति राज्मंत्री माननीय श्री राज भूषण चौधरी ने मछुवारा समाज को अन्य समाज की तुलना में पिछड़ने का कारण शिक्षा को बताया मछुआरा समाज से उन्होंने आह्वान किया कि सबसे पहले हमें अपने बच्चो के शिक्षा पर बल देना होगा मछुआरा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा के लिए काम करना होगा आने वाले पीढ़ी के प्रत्येक सदस्य को शिक्षित करके एक स्वच्छ एवं समृद्ध समाज बनाने की परिकल्पना उन्होंने किया

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा केंद्र सरकार के द्वारा मछुआरा समाज के लिए विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित किया जा रहा है जिसमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है जिसमें मछुआरों को बीज एवं तालाब निर्माण के लिए 60% तक सब्सिडी शासन के द्वारा दिया जाता है समाज को अपने विकास के लिए चाहिए कि इस योजना का समाज के लोग अधिक से अधिक संख्या में लाभ उठाएं कार्यक्रम में विलंब से पहुंचे छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री श्री राम विचार नेताम ने भी सभा को संबोधित किया उन्होंने कहा कि मछली पालन विभाग मेरे मंत्रालय के अंतर्गत है मछुआरा समुदाय की जो भी समस्याएं मेरे समक्ष आएगा उसे हल करने के लिए मैं हर संभव प्रयास करूंगा और
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।




कार्यक्रम में नेपाल देश, यूपी, मध्य प्रदेश, आन्ध्र प्रदेश, और देश के तमाम राज्यों से आए स्वजातीय बंधु तथा ओमप्रकाश धीवर महासचिव, बुधराम धीवर कोषाध्यक्ष, लोकनाथ, जगन्नाथ, आर एल धीवर जी, नवीन धीवर, सुरेश धीवर,अन्य पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत लाल मटियारा, रायपुर दक्षिण के विधायक श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ लखनलाल धीवर, मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त सीताराम बॉथम, जिला पंचायत सदस्य अन्नू तारक, जिला पंचायत सदस्य हरिशंकर निषाद, एवं छत्तीसगढ़ धीवर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार धीवर, कहारा समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार राकेश, कहार समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री भुवन लाल औसरिया, मल्लाह समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष मल्लाह , धीवर समाज जांजगीर महासभा के पूर्व अध्यक्ष भरत लाल धीवर,अध्यक्ष देवब्रत भीष्म,प्रकाश धीवर,परस धीवर,छत्तीसगढ़ युवा धीवर समाज के बजरंग धीवर, अनद राम, सनत,शेखर,रामबनवास,संतोष,भोजराम, देवराम,अविनाश मांझी ,प्रभात ,राहुल ,संतोष धीवर, भोजराम धीवर एवं महिला प्रकोष्ठ के पंकजनी ढीमर, उषा धीवर,माधुरी धीवर,सीमा धीवर,साधना,ईश्वरी, सहित समाज प्रमुख , संभाग अध्यक्ष,जिला अध्यक्ष, परगना अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष , रेंज अध्यक्ष,केंद्र अध्यक्ष ,राष्ट्रीय मछुवारा संघ के समस्त पदाधिकारी,इस कार्यक्रम में भारी संख्या में मछुवारा समाज के लोग उपस्थित थे
कार्यक्रम का संचालन संघ के उपाध्यक्ष झुमुक लाल निषाद ने किया!
