




*छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के तत्वाधान में भव्य होली मिलन समारोह कार्यक्रम हुआ संपन्न*
दिनांक 08 मार्च 2026 / बिलासा देवी छात्रावास, लिंगियाडीह, बिलासपुर में छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के तत्वाधान में भव्य एवं ऐतिहासिक होली मिलन समारोह बड़े उत्साह, सौहार्द और सामाजिक एकता के वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन मछुआरा समाज की एकता, भाईचारे और सामाजिक जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के प्रांताध्यक्ष देवव्रत आदित्य उपस्थित रहे, वहीं उप प्रांताध्यक्ष बी. एस. निषाद विशेष रूप से मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों में भरतलाल धीवर, आर. एल. धीवर, बाबा मार्तण्ड, युवा प्रदेश अध्यक्ष नवीन धीवर, संभाग अध्यक्ष धनेश्वर कैवर्त्य, संयुक्त सचिव दीपक आदित्य सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीप कैवर्त्य ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान गुहा निषाद राज एवं माता बिलासा देवी के तैल चित्र पर पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष देवव्रत आदित्य ने उपस्थित जनसमुदाय को विश्व महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ समाज को संगठित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और समाज हित की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
इसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और प्रेम, भाईचारे तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया।
नवीन धीवर ने इस भव्य आयोजन पर यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ केवल एक संगठन नहीं बल्कि मछुआरा समाज की एकता, सम्मान और अधिकारों की सशक्त आवाज है, जो समाज को संगठित कर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर निषाद, केवट, धीवर, कहरा, कहार, मांझी, मल्लाह, भोई सहित मछुआरा समाज के सभी वर्गों ने एक साथ मिलकर होली के रंगों में रंगते हुए सामाजिक समरसता और एकजुटता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर देवव्रत आदित्य, भरतलाल धीवर, बी. एस. निषाद, बाबा मार्तण्ड, आर. एल. धीवर, दीपक आदित्य, नवीन धीवर, अविनाश मांझी, आनंदराम धीवर, धनेश कैवर्त्य, हरप्रकाश, फागुलाल कैवर्त्य, लक्ष्मी कैवर्त्य, गिरीश कैवर्त्य, प्रकाश कैवर्त्य, योगेश कैवर्त्य, ज्योति कैवर्त्य, माधुरी धीवर, अनीता धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे और इस अविस्मरणीय व ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।


