
पोस्ट मैट्रिक एससी बालक एवं कन्या छात्रावासों में गैस संकट, विद्यार्थियों को हो रही भारी परेशानी
जांजगीर। पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति (SC) बालक छात्रावास एवं कन्या छात्रावास जांजगीर में गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति नहीं होने से छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि ओटीपी आने के बावजूद उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
छात्रावासों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी निवास करते हैं और भोजन बनाने के लिए गैस की लगातार आवश्यकता होती है। एक सिलेंडर लगभग तीन दिन में समाप्त हो जाने के कारण नियमित आपूर्ति नहीं होने से भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
विद्यार्थियों का आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा उन्हें सामान्य प्रक्रिया से गैस उपलब्ध कराने के बजाय ब्लैक में गैस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों के अनुसार जब उन्होंने इस समस्या को उठाया तो एजेंसी की ओर से उल्टा *विद्यार्थियों पर ही गैस ब्लैक में बेचने का आरोप लगाया गया,* जबकि विद्यार्थियों का आरोप है कि गैस की ब्लैक में बिक्री एजेंसी स्तर से ही की जा रही है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
यह समस्या केवल जांजगीर के एक-दो छात्रावासों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों एवं छात्रावासों से जुड़े लोगों का कहना है कि *छत्तीसगढ़ के अनेक छात्रावासों में गैस की आपूर्ति एवं व्यवस्था को लेकर इसी प्रकार की समस्याएं सामने आ रही हैं।*
सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के कल्याण और विकास के लिए संचालित *छात्रावासों में यदि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी विद्यार्थियों को परेशान होना पड़े, तो व्यवस्था की जवाबदेही किसकी है?*
विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया है कि गैस उपलब्ध कराने के दौरान उनके साथ *जातिगत भेदभावपूर्ण व्यवहार एवं जातिवादी मानसिकता प्रदर्शित की गई* इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
विद्यार्थियों एवं छात्रावासों की ओर से मांग की गई है कि—
1. पोस्ट मैट्रिक SC बालक एवं कन्या छात्रावासों में गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
2. ओटीपी के बावजूद गैस नहीं देने की शिकायत की जांच की जाए।
3. विद्यार्थियों पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाए।
4. यदि गैस वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
5. जातिगत भेदभाव अथवा अपमानजनक व्यवहार के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाए।
6. छत्तीसगढ़ के अन्य SC/ST छात्रावासों में गैस आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।
छात्रों का कहना है कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को उनके अधिकार की मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान नहीं होना चाहिए। शासन को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।



